अपना भारतबेबाक न्यूज़

किसकी वजह से भड़की किसान ट्रैक्टर परेड में हिंसा की आग, क्या इन तीनों लोगों का है हाथ ?

कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालने का वादा किया था, लेकिन किसानों की ट्रैक्टर रैली में अचानक हिंसा भड़क गई। दिल्ली की सड़कों पर  उग्र किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस हिंसा में 86 पुलिसकर्मी समेत 100 से अधिक लोग घायल हो गए। साथ ही स्टंट के दौरान एक प्रदर्शनकारी की भी मौत हुई। हालांकि, अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है और अब तक 22 एफआईआर दर्ज हो गई हैं, लेकिन  यहां अब भी बड़ा सवाल है कि आखिर इस हिंसा की आग को भड़काने वाले कौन लोग हैं? दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने के पीछे क्या इन तीन लोगों का हाथ है…?

आंदोलन से जुड़े किसान यूनियनों के नेताओं ने दिल्ली में बवाल और हिंसा से खुद को किनारा कर लिया है। दिल्ली में हिंसा फैलाने और किसानों को भड़काने के लिए कई किसान नेता पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को जिम्मेदार मान रहे हैं, तो कुछ लोग  लक्खा सिंह सिधाना  को आरोपी मान रहे हैं। वहीं  राकेश टिकैत का एक वीडियो सामने आने के बाद लोग मान रहे हैं कि किसान आंदोलन में  हिंसा भड़काने के पीछे  टिकैत का हाथ है।

दीप सिद्धू पर लगे हिंसा भड़काने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने पंजाबी फिल्म अभिनेता  दीप सिद्धू पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान संगठनों का लाल किले पर जाने का कोई कार्यक्रम नहीं था। दीप सिद्धू ने किसानों को भड़काया और आउटर रिंग रोड से लाल किले ले गया। किसान शांतिपूर्ण आंदोलन करते रहेंगे। ये आंदोलन धार्मिक आंदोलन नहीं है। वहीं कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि दीप सिद्धू और गैंगेस्टर से नेता बने लखा सिधाना ने पिछली रात सिंघु बॉर्डर पर भी किसानों को भड़काने की कोशिश की। योगेंद्र यादव ने आगे कहा, इस बात की जांच होनी चाहिए कि किस प्रकार एक माइक्रोफोन के साथ दीप सिद्धू लाल किले तक पहुंच गया। किसान नेताओं का मानना है कि दीप सिद्धू के उकसाने पर ही प्रदर्शनकारी लाल किले की परिसर में दाखिल हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि दीप सिद्धू और अन्य लोगों ने 25 जनवरी को ही संयुक्त किसान मोर्चा और दिल्ली पुलिस के बीच रूटों को लेकर बनी सहमति को मानने से इनकार कर दिया था और मंच  से किसानों को भड़का रहे थे। इतना ही नहीं, जब लाल किला पर झंडा फहराया गया, तब भी वहां दीप सिद्धू मौजूद थे। दीप ने प्रदर्शनकारियों के कृत्य का यह कह कर बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया और केवल एक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ‘निशान साहिब’ को लगाया था।
लक्खा सिधाना का भी नाम सामने आया
गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा में पंजाब के लक्खा सिंह सिधाना की भूमिका भी सामने आई है। सिधाना कभी अपराध की दुनिया में बड़ा नाम हुआ करता था। पंजाब के बठिंडा का रहने वाला लक्खा कबड्डी का खिलाड़ी भी रह चुका है। खेल से अपराध और फिर राजनीति में आने वाले लक्खा ने किसान आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।   लक्खा पर पंजाब में हत्या, लूट और अपहरण समेत कई मामले दर्ज हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सामाजिक कार्यकर्ता बन लक्खा अपनी आपराधिक छवि बदलने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने 22 मामले दर्ज किए हैं, लेकिन  अब तक किसी की गिरफ्तारी को लेकर कोई सूचना नहीं है।

Bol Bharat

Bol Bharat is your news, entertainment, music fashion website. We provide you with the latest breaking news and videos straight from the entertainment industry.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button