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लाल किला कांड पर राष्ट्रपति ने दी नसीहत, जानें कृषि कानून, किसान से लेकर कोरोना पर क्या बोले रामनाथ कोविंद

आज से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण के बाद से संसद का बजट सत्र औपचारिक तौर पर प्रारंभ हो जाएगा। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति कोविंद ने कृषि कानूनों, किसान और उनके एमएसपी से लेकर कोरोना तक पर खुलकर अपने विचार रखे। राष्ट्रपति ने लाल किले पर हिंसा की निंद की। राषष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि कोरोना काल में मोदी सरकार के फैसलों की वजह से लाखों लोगों की जानें बचीं। कृषि कानूनों को बेहतर बताते हुए कहा कि इन कानूनों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं दी है और नए अधिकार भी। गणतंत्र दिवस के दिन लाल किला कांड को उन्होंने अपमान और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि हमें कानून का पालन करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं राष्ट्रपति के अभिभाषण की खास बातें।

राष्ट्रपति ने अभिभाषण के शुरुआत में क्या कहा
कोरोना की तरफ इशारा करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि चुनौती कितनी ही बड़ी क्यों न हो, न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा। भारत जब-जब एकजुट हुआ है, तब-तब उसने असंभव से लगने वाले लक्ष्यों को प्राप्त किया है। महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में हमने अनेक देशवासियों को असमय खोया भी है। मगर मुझे संतोष है कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है। आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।

कोरोना काल में अर्थव्यवस्था पर क्या बोले राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद ने कहा कि अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए रिकॉर्ड आर्थिक पैकेज की घोषणा के साथ ही मेरी सरकार ने इस बात का भी ध्यान रखा कि किसी गरीब को भूखा न रहना पड़े। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 8 महीनों तक 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क सुनिश्चित किया गया। सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, कामगारों और अपने घर से दूर रहने वाले लोगों की भी चिंता की। महामारी के दौरान
गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 50 करोड़ मैन डेज के बराबर रोजगार पैदा हुए।

कोरोना काल में मोदी सरकार ने दीं राहतें
राष्ट्रपति कोविंद ने मोदी सरकार के उन कामों को भी गिनाया, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हुए। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि करीब 31 हजार करोड़ रुपए गरीब महिलाओं के जनधन खातों में सीधे ट्रांसफर भी किए। इस दौरान देशभर में उज्ज्वला योजना की लाभार्थी गरीब महिलाओं को 14 करोड़ से अधिक मुफ्त गैस सिलेंडर भी मिले। उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश में 1.5 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिला है। इससे इन गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा, खर्च होने से बचे हैं। बीते 6 वर्षों में अंडरग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट चिकित्सा शिक्षा में 50 हजार से ज्यादा सीटों की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने 22 नए ‘एम्स’ को भी मंजूरी दी है।

भारत चला रहा सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान
रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस प्रोग्राम की दोनों वैक्सीन भारत में ही निर्मित हैं। संकट के इस समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 6 वर्षों में जो कार्य किए गए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ हमने इस कोरोना संकट के दौरान देखा है।

कृषि और किसानों पर क्या बोले राष्ट्रपति 
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सरकार ने बीते 6 वर्षों में बीज से लेकर बाज़ार तक हर व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास किया है, ताकि भारतीय कृषि आधुनिक भी बने और कृषि का विस्तार भी हो। मेरी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों को लागू करते हुए लागत से डेढ़ गुना MSP देने का फैसला भी किया था। मेरी सरकार आज न सिर्फ एमएसपी पर रिकॉर्ड मात्रा में खरीद कर रही है बल्कि खरीद केंद्रों की संख्या को भी बढ़ा रही है। 2013-14 में जहां 42 लाख हेक्टेयर जमीन में ही माइक्रो-इरिगेशन की सुविधा थी, वहीं आज 56 लाख हेक्टेयर से ज्यादा अतिरिक्त जमीन को माइक्रो-इरिगेशन से जोड़ा जा चुका है।

कृषि कानूनों को राष्ट्रपति ने बताया बेहतर
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि व्यापक विमर्श के बाद संसद ने सात महीने पूर्व तीन महत्वपूर्ण कृषि सुधार, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, कृषि (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक, और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पारित किए हैं। इन कृषि सुधारों का सबसे बड़ा लाभ भी 10 करोड़ से अधिक छोटे किसानों को तुरंत मिलना शुरू हुआ। छोटे किसानों को होने वाले इन लाभों को समझते हुए ही अनेक राजनीतिक दलों ने समय-समय पर इन सुधारों को अपना भरपूर समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है। बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं।

लाल किला कांड पर दुख जताया
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि पिछले दिनों हुआ तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए।

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